पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर ने बुधवार को आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टियों के बीच गठबंधन की घोषणा की।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा कि दोनों नेता राज्य भर में 20 रैलियां करेंगे। “पहली रैली 1 अप्रैल को बरहामपुर में होगी, जहां ओवैसी भी मौजूद रहेंगे।” उन्होंने कहा कि इन रैलियों का उद्देश्य लोगों तक पहुंचना और गठबंधन की ताकत का प्रदर्शन करना है।
मुस्लिम नेतृत्व पर ध्यान दें
ओवैसी ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम अल्पसंख्यक वर्ग के मजबूत नेतृत्व को आगे लाना है। उन्होंने कहा, “हमने पहले ही तय कर लिया है कि हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। यह गठबंधन सिर्फ इस चुनाव तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।”
इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कबीर ने कहा कि गठबंधन मतदाताओं के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा, “हम संयुक्त सार्वजनिक बैठकें करेंगे और एक साथ आगे बढ़ेंगे। यह गठबंधन लोगों के बीच एक मजबूत राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगा। राज्य में मुस्लिम नेतृत्व को बढ़ावा देना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।” ओवैसी ने इस बात पर भी जोर दिया कि साझेदारी चुनाव के बाद भी जारी रहेगी।
बीजेपी की प्रतिक्रिया
घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खड़गपुर सदर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि यह देखना होगा कि जनता किसका समर्थन करती है। उन्होंने कहा, “बंगाल में लोग आसानी से किसी को स्वीकार नहीं करते। पार्टियों को स्वीकार्यता हासिल करने के लिए काम करना होगा और संघर्ष करना होगा। लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने और पार्टी बनाने का अधिकार है।”
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